200 से अधिक बच्चों ने बालमंच उज्जैन की अंतरराष्ट्रीय आनलाईन प्रतियोगिता "कोरोना को हराना है" में हिस्सा लिया

दिल्ली NCR के 200 से अधिक बच्चों ने बालमंच उज्जैन कि अंतरराष्ट्रीय आनलाईन प्रतियोगिता कोरोना को हराना है में निभाई भागिदारी।

गुरूग्राम:टीम अजेयभारत:
- जितनी कलाकृतिया तैयार होगी उन्हे निलाम कर कोरोना पीड़ितो कि होगी मदद।
- 4 श्रेणियो में स्पर्धा, प्रत्येक श्रेणी में तीन विजेता होगे पुरस्कृत

बालमंच उज्जैन देशभर के बच्चों के लिए कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जागरूकता फैलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। जिसका विषय है ‘‘कोरोना को हराना है ‘‘।

चार श्रेणियों मे प्रतियोगिता को बाटा गया है।जिसमे घर में ही उपलब्ध सामग्री से किएटिव कार्य करते हुए कलाकृति तैयार करना है। इसमें ब्रश, रंग या महंगा ड्राइंग पेपर नही बस घर में उपलब्ध सामग्री से पोस्टर बनाना, घर की बेकार वस्तुओं से दें जागरूकता का संदेश देते हुए कचरे से कोई कलाकृति बनाना, पारंपरिक खिलौनें जैसे कपडो़ं कि गुड़िया आदि से जागरूकता का संदेश देना और मोबाइल से सिर्फ 3 मिनट की फिल्म बनाने जैसी स्पर्धा होगी। तीन-तीन पुरस्कार दिए जाएगें। वही प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। ऑनलाइन कलाकृतियों की निलामी की जाएगी, जिससे प्राप्त  होने वाली राशि से प्रधानमंत्री राहत कोष में  दी जायेगी।

देश - विदेश के किसी भी स्थान से इसमें 5 साल से 15 साल तक के बच्चे भाग ले सकेंगे। गेहा दवे ने बताया इसमें बच्चें एक लिंक पर जाकर उसमें नि:शुल्क पंजीकरण कर सकतें है। फेसबुक पर बालमंच उज्जैन के पेज पर जाकर भी पंजीकरण और तैयार की गई कलाकृति के फोटो-वीडियो अपलोड कर सकते है। 3 जून तक यह सभी जानकारी एवं कलाकृति भेजना होगी। इसके बाद 20 जून को परिणाम घोषित किए जाएंगें। सभी कलाकृतियों की आनॅलाईन नीलामी की जाएगी।

कोरोना की इस वैश्विक महामारी के बाल जागरूकता के अभियान में दिल्ली NCR के 200 बच्चे के साथ-साथ पूरे भारत  तथा अन्य 11 देशो से 2000 से अधिक प्रविष्टिया प्राप्त हो चुकि है। इसी के साथ-साथ 5 जून से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बालमंच बच्चों के लिए रोचक विषयों जैसे-भारतीय रंगमंच, भारतीय वैज्ञानिक, ओरिगेमी, बच्चों के लिए स्वास्थ जागरूकता, और नदियो का पर्यावरण को लेकर ऑनलाइन लेक्चर सीरिज शुरू कर रहा है।






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