किसी व्यक्ति के सिग्नेचर को देखकर आप बता सकते है उसके आत्महत्या करने का राज़


प्रतिवर्ष अप्रेल और मई के महीने बच्चों के आत्महत्या करने की खबर आती है अखबारों मेंI
कारणों का पता दुनिया मे प्रबुद्ध वर्ग सदा से तलाशता आया हैI जँहा तक मैंने अपने अनुभव में पाया है आत्महत्या का कोई एक कारण नही होता हैI अनेको कारण होते है जैसे भय ,आत्मग्लानि ,संकोच, ईगो, संकुचित एवं सुरक्षित दायरा (कम्फर्ड ज़ोन) , पलायन की प्रवृत्ति , प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मानसिक दबाव, जीतने की होड़ (कॉम्पिटिशन)..इससे अधिक कारण भी हो सकते हैI

परन्तु प्रकृति (नेचर ) किसी भी घटने वाली घटना की सूचना किसी ना किसी माध्यम से पूर्व में देती है.!
बस हमे उस माध्यम पर भी ध्यान केंद्रित करना होता है जिससे हम प्रकृति (नेचर) की उस पूर्व सूचना को समझ सकेI कुछ संकेत जो मैंने हस्ताक्षर में देखे और अनुभव किये हैI जो व्यक्तिक नेचर को प्रस्तुत करते है की व्यक्ति का नेचर कैसे निर्णय लेने की क्षमता रखता हैI

उसके लक्षण किस तरह के होते है?

सर्वप्रथम ऐसे कुछ व्यक्ति अपना सिग्नेचर जब करते है तब वो पेन को बहुत नजदीक से पकड़ते है जो दर्शाता है व्यक्ति भावुक है व्यवहारिक ज्ञान को समझ नही पाता है ऐसा व्यक्ति पेन को पॉइंट से 1 से 2 CM दूरी से पकड़ते है..साथ ही सिग्नेचर करते समय उनका कलाई का एंगल बाई ओर लगभग 30° या उससे अधिक झुकाव लिए होता हैI

इसके अलावा कुछ व्यक्ति सीमित दायरे में लगभग 1.5 से 2.5 CM की लम्बाई का सिग्नेचर करते है जो कि डाउन स्ट्रोक से शुरू करते है साथ ही सिग्नेचर पूरा करने के साथ रिवर्स स्ट्रोक किसी भी साइड ऊपर से या नीचे से लाइन के रूप में या अन्य तरीके से लेते है अर्थात जँहा से सिग्नेचर जिस पॉइंट से शुरू किया गया है उस पॉइंट के नजदीक आकर सिग्नेचर कम्प्लीट करते है फिनिश करते है ज्यादातर रिवर्स स्ट्रोक सिग्नेचर में लेने वाले व्यक्तियों के मन मे आत्महत्या के विचार या पलायन के विचार जीवन मे व्यवसाय में कार्य मे नौकरी में प्रतिस्पर्धा में असफलता की स्थिति को भी दर्शाते हैं उपरोक्त कारणों के अलावा सिग्नेचर में जो व्यक्ति डॉट का उपयोग करते है.ऐसे व्यक्ति अत्याधिक जिद्दी होते है सेल्फ रिस्पेक्ट और एग्रेशन के कारण नकारात्मक निर्णय लेने के कारण गलत राह को चुनते है.स्वयं को अपमानित महसूस करते है..और यही कारण व्यक्ति के नेचर की तीव्रता के कारण निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित होते हैI

इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण कारण व्यक्ति के स्टार्टिंग स्ट्रोक सिग्नेचर में एंटिकलाकवाईस बड़े डाउन स्ट्रोक भी होते है...जो भावावेश में आकर नकारात्मक निर्णयों को लेते हैI सिग्नेचर का अत्यधिक छोटा होना..रिवर्स स्ट्रोक लेना एंटिकलाकवाईस स्ट्रोक लेना डॉट लगाना..या सिग्नेचर के स्टार्ट पॉइंट से 1 CM के दायरे को डेमेज करना ओवर राइट करना..क्रास करना व्यक्तिक नकारत्मकता को प्रस्तुत करते हैI

इस आलेख में लिखे हुए तरीको से सिग्नेचर करने वाले व्यक्ति के मन मे कभी न कभी आत्महत्या जैसे विचार अवश्य आते हैI कोई एक कारण स्पष्ट रूप से इसके लिए उत्तरदायी नही होता हैI सूक्ष्मता से इसके विश्लेषण से जान जा सकता है व्यक्तिक नेचर किस तरह के निर्णयों को लेकर अपने भविष्य की रूपरेखा को बनाता हैI

जब हम सिग्नेचर करते है तब मन बुद्धि शरीर की समावस्था हमारे नेचर को रेखाकृतियो के रूप में प्रस्तुत करती है कुछ सेकंड की अवस्था ही हमारा ध्यान होती है जो समग्र रूप में व्यक्तिक नेचर के द्वारा यूनिवर्सल नेचर को दिया व्यक्ति नेचर का आदेश होती हैI

व्यापक प्रकृति व्यक्तिक प्रकृति के आदेशों के द्वारा स्वयं को प्रस्तुत करती हैI हमारा व्यक्तिक नेचर (प्रकृति) यूनिवर्सल नेचर ( व्यापक प्रकृति) को भविष्य में क्या चाहते है के निर्माण के लिए आदेशित करता है जो सहज और सरल होता हैI

दीपक राठौर
इंदौर,मध्यप्रदेश


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