दांता की मुनमुन रामायण की चौपाईयां गाकर अनुपम छठा बिखेर रही है

रामायण की चौपाईयां गाकर अनुपम छठा बिखेर रही है मुनमुन

दांतारामगढ़ (प्रदीप सैनी) दांता कस्बे के वरिष्ठ शिक्षक स्व. बाबूलाल पारीक की सुपौत्री कृति पारीक उर्फ मुनमुन की संगीत में रुचि बचपन से ही हैं। विद्यालय में अध्ययन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी गायन व मंच संचालन का कार्य कर चुकी हैं। संगीत के साथ अध्ययन में भी कृति की बहुत रुचि हैं। वर्तमान में सरस्वती शिक्षा निकेतन घाटवा में अध्यनरत हैं। इससे पहले कृति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आदर्श विद्या मंदिर दांता से प्राप्त की व दसवीं कक्षा में 85% अंक प्राप्त किये। इस वर्ष 12 वीं विज्ञान वर्ग संकाय की परीक्षा दे चुकी हैं। इन दिनों कृति नीट परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। दो वर्ष पूर्व बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ अभियान में सीकर में आयोजित कार्यक्रम में गायन में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिला कलेक्टर द्वारा समान्नित हो चुकी हैं। इसके अलावा कृति सोशल मीडिया एप स्टार मेकर पर भी सैकड़ों गानों की प्रस्तुति दे चुकी हैं व पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। कृति के पिता सुरेश पारीक सरकारी कंपाउंडर है जो वर्तमान में खाचरियावास अस्पताल में कार्यरत है व इनकी माता ममता पारीक सरकारी अध्यापिका हैं। लॉकडाउन के समय जब वर्षों बाद फिर से रामायण टेलीविजन पर दिखाई गई तब से ही कृति ने रामायण की चौपाई जंबूद्वीप भारतखंडे आर्यावर्त भारतवर्ष एक नगरी अयोध्या नाम की गाकर रामायण की यादें ताजा कर दी। मुनमुन की मनमोहक आवाज का विडियों सोशल मिडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने तारीफ करते हुए कहा कि आज हमारे धर्म, संस्कृति और देश को बचाने के लिए ऐसे ही संस्कारों की जरूरत हैं। मनमोहक आवाज में शानदार गायन वो भी रामायण का बहुत ही शानदार बहना। सौम्यता का भरपूर समावेश एवं रामायण का सार है ये चौपाइयां। अतिसुन्दर गायन शानदार और मधुर आवाज ने मंत्रमुग्ध कर दिया, मानो जैसे रामानन्द सागर कृत रामायण प्रत्यक्ष चित्रपठ अनवरत हो। अतिसुन्दर गायकी, ताल एवं लय, सुरों के साथ अनुपम छठा बिखेर रही हैं।

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