18 जून 2020 को देवताओ के सेनापति मंगल ने बदल दी हैं राशि क्या होगा इसका असर

18 जून 2020 को देवताओ के सेनापति मंगल ने बदल दी हैं राशि  क्या होगा इसका असर

18 जून को मंगल ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेगा और यह 16 अगस्त 2020 तक इसी राशि में स्थित रहेगा। मंगल ग्रह का यह राशि परिवर्तन सभी राशियों पर अपना शुभ-अशुभ प्रभाव डालेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल एक क्रूर ग्रह है। यह ऊर्जा, जमीन, सेना, साहस आदि का कारक है। यह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। आइए जानते हैं मंगल के इस गोचर का सभी राशियों में प्रभाव।

आकाश में लगातार बदल रही ग्रहों की चाल सेनापति मंगल कुंभ राशि से मीन में गोचर करने जा चुके  हैं। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, मंगल इस राशि में रात 20 बजकर 12 मिनट पर गोचर करेंगे और 16 अगस्त को 20 बजकर 39 मिनट तक रहेंगे।
मंगल के इस गोचर में सबसे खास बात ये है कि वह जिस राशि में जा रहा है यानि मीन राशि में वह जल तत्व की राशि है और यह बृहस्पति द्वारा शासित है, बृहस्पति और मंगल आपस में मित्र हैं। मीन राशि अंतर्ज्ञान, भावनाओं और करुणा का प्रतिध्वनित करती है वहीं मंगल ग्रह कार्य, साहस और इच्छा शक्ति को दर्शाता है।
इस बदलाव के प्रभाव के अनुसार मीन राशि यानि जल तत्व की राशि में अग्नि तत्व प्रधान ग्रह मंगल के गोचर से भावनाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। यदि भावनाओं पर नियंत्रण किया गया तो इससे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है।

इसलिए भारत के दक्षिण पूर्व भाग तथा दक्षिण पूर्व के देशों के लिए यह ग्रह-गोचर युद्ध जैसे हालात बनायेगा ,देश की तीनो सेनाओं के शौर्य पराक्रम में ऊर्जा का संचार करेगा , प्राकृतिक आपदा बाढ़, आंधी-तूफ़ान, भूकंप, आगजनी महामारी तथा अति वृष्टि की और संकेत डे रहा है।

18 जून को मंगल का मीन राशि में होगा प्रवेश, जानिए आपके लिए शुभ या अशुभ

वर्तमान समय में जब सूर्य, चंद्र तथा मंगल को छोड़कर सभी ग्रह वक्री चल रहे हैं, जिनमें बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु तथा केतु सभी शामिल है तो विश्व समुदाय के लिए इतने ग्रहों का वक्री होना संपूर्ण पृथ्वी के लिए अति घातक सिद्ध होने वाला है। मंगल को नियंत्रित करने वाले बृहस्पति भी नीच राशिगत तथा वक्री हैं इनकी वक्री अवस्था 13 सितंबर तक रहेगी, किंतु ये 29 जून से अपनी धनु राशि में पुनः प्रवेश करके मंगल के आक्रामक स्वभाव पर कुछ लगाम लगाएंगे। इसीलिए 29 जून तक भारत के दक्षिणी भाग, दक्षिण पूर्व, तथा उत्तर के क्षेत्र तथा देशों के लिए समय अनुकूल नहीं है उन देशों में भी अग्निकांड, भूकंप एवं अतिवृष्टि से जनजीवन और असामान्य रहेगा। इन छः ग्रहों में वक्री बृहस्पति उत्तर पूर्व, शुक्र पूर्व, शनि पश्चिम ,राहु दक्षिण पश्चिम, केतु पश्चिम उत्तर, के देशों के लिए अति खतरनाक समीकरण रहे हैं पृथ्वी के इन भागों में उपरोक्त सभी आपदाएं,अशांति और जनाक्रोश जैसा माहौल रहेगा।

जैसा कि आप जान रहे हैं इन्हीं ग्रहों के दुष्प्रभाव स्वरूप संपूर्ण पृथ्वी कोरोनावायरस से ग्रसित है जिससे अभी मुक्ति की आशा नहीं की जा सकती। भारतवर्ष के लिए मंगल का मीन राशि में प्रवेश तथा 16 अगस्त से मेष राशि में प्रवेश प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से तो अनुकूल नहीं रहेगा किंतु भारत की सैन्य ताकत बढ़ेगी तथा शीर्ष नेतृत्व युद्ध के और भी अस्त्र-शस्त्र के सामान खरीदने में अति धन व्यय करेगा। वर्तमान परिस्थितियों में बृहस्पति का कमजोर होना मंगल को स्वतंत्र निर्णय लेने अथवा अपने स्वभाव के अनुरूप परिणाम दिखाने के लिए खुली छूट दे रहा है, अतः इस समय देश के नागरिकों को हर कार्य तथा निर्णय बहुत सावधानी पूर्वक लेने होंगे अपने स्वभाव में आई उग्रता को नियंत्रित करना होगा। प्राकृतिक आपदाओं से भी निपटने अथवा बचने के लिए प्रयत्न करने होंगे। यह सिलसिला 13 सितंबर तक जारी रहेगा उसके बाद बृहस्पति के मार्गी होते ही सभी प्राकृतिक घटनाओं में कमी आएगी।
वहीं मंगल को पृथ्वी, युद्ध, क्रोध प्राकृतिक आपदा का कारक माना जाता है। यह वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित करता है। हर गोचर की भांति इसका भी सभी राशियों पर खास प्रभाव रहेगा।

सभी राशियों पर असर व बचाव के उपाय.

1. मेष राशि
मंगल इस दौरान आपके द्वादश भाव में गोचर करेंगे, इस भाव को नुकसान, व्यय, अभूतपूर्व स्थितियों और विदेश यात्रा का घर माना जाता है।
इस गोचर के दौरान आप खुद को प्रतिबंधित या परिस्थितियों से बंधा हुआ पाएंगे। जिसके परिणामस्वरूप निराशा और बेचैनी आपको हो सकती है। यह गोचर आपको बीच में ही काम छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकता है, इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि आप धैर्य रखें और काम पर ध्यान दें। समय के साथ परिस्थितियां सुधरेंगी।
वहीं यदि आप किसी विदेशी संगठन से जुड़े हैं या वहां काम कर रहे हैं, तो आपको मंगल के इस गोचर के दौरान लाभ मिल सकते हैं।

वहीं यह गोचर कुछ अनावश्यक व्यय लाने वाला है और आप कुछ समस्याओं के बीच खुद को पा सकते हैं, यह अवांछित तनाव और चिंता लाने वाला है, इसके साथ ही स्वास्थ्य को लेकर भी आपमें डर की भावना होगी। जबकि निजी जीवन में अहम का टकराव रिश्तों में ख़राबियों पैदा कर सकता है।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को हर मंगलवार को प्रसाद चढ़ाएं।

2. वृषभ राशि
मंगल इस समय आपके एकादश भाव में विराजमान रहेंगे, यह भाव लाभ और सफलता का घर कहा जाता है। आप जिस मान-सम्मान, प्रशंसा और पुरस्कार का इंतजार कर रहे थे वो उन्हें मंगल के इस गोचर के दौरान मिल सकता है।
व्यावसायिक रूप से, आप अपनी योजनाओं को दक्षतापूर्वक आगे बढ़ा पाएंगे, जिससे उच्च प्रबंधन के सामने आप अच्छा स्थान बना पाएंगे। आप अपने सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए प्रयास करने से पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन कई बार आप बातचीत में कठोर हो सकते हैं जिससे अनायास ही लोगों को ठेस पहुंचा सकते हैं।
इस गोचर के दौरान जीवनसाथी से लाभ मिलने वाला है। हालांकि, यह कभी-कभी आपको आक्रामक और जल्दबाज बना सकता है, जिस वजह से व्यक्तिगत जीवन में कुछ मनमुटाव हो सकते हैं।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- शुक्रवार के दिन जरुरतमंद लोगों को सफेद वस्तुएं जैसे- आटा, चीनी, चावल आदि दान करें।

3.मिथुन राशि
मंगल आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। दशम भाव कॅरियर और प्रोफेशन का भाव कहलाता है। इस भाव में मंगल दिग बली अवस्था में होता है।
अपने सभी प्रयासों में सफल होने के लिए आपके पास इस दौरान अधिक दृढ़ संकल्प होगा और एक योद्धा का दृष्टिकोण होगा। मंगल की इस अवस्था के चलते आप वांछित दिशा में अपने प्रयासों को ले जा सकते हैं है। सेना, पुलिस आदि जैसे व्यवसायों में काम करने वाले जातकों को प्रशंसा और सराहना प्राप्त होगी।
व्यावसायिक रूप से यह समय भविष्य के बारे में रणनीति बनाने के लिए बहुत अच्छा रहेगा, क्योंकि अपने कार्यों को आगे बढ़ाने की बेहतर स्थिति में रहेंगे। जो जातक नई नौकरियों की तलाश में हैं वो मनपसंद नौकरी पा सकते हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी यह समय अच्छा है।
आपकी आक्रामकता के कारण आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों में ही नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- मंगलवार के दिन उपवास रखें।

4. कर्क राशि
मंगल का गोचर आपके नवम भाव में होगा। जिसे भाग्य, आध्यात्म और उच्च शिक्षा का भाव भी माना गया है।
व्यावसायिक रूप से, यह गोचर उन जातकों के लिए बहुत फलदायी होने जा रहा है जो लंबे समय से नौकरी में बदलाव की तलाश में थे और उन्हें कोई सफलता नहीं मिल रही थी। मंगल का यह गोचर आपको नए अवसर प्रदान करेगा।
जो छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उनके जीवन में आ रही रुकावटें और परेशानियां भी इस दौरान दूर हो जाएंगी।
संतान पक्ष से इस दौरान आपको शुभ समाचार मिलने के अलावा आपके जीवन में नयी ऊर्जा आ सकती है। इस राशि के जो जातक अभी तक प्यार की तलाश कर रहे थे उन्हें इस दौरान कोई खास मिल सकता है।
वहीं यदि आप इस गोचर के दौरान किसी भी प्रकार की आध्यात्मिक यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इस योजना को कुछ समय के लिये टाल देना ही बेहतर रहेगा। कारण ये है कि उग्र ग्रह मंगल आपके नवम भाव में विराजमान है। यह आध्यात्मिक गुरु, शिक्षकों का घर माना जाता है, इसलिये इन लोगों के साथ आपके मतभेद हो सकते हैं।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली में किसी जानकार की सलाह के बाद ही लाल मूंगा पहनें।

5. सिंह राशि
इस दौरान मंगल आपकी राशि के आठवें घर में होगा। यह भाव आयु,अनुसंधान, परिवर्तन का भी भाव कहलाता है। ऐसे में सिंह राशि के जो लोग अनुसंधान के क्षेत्र में हैं, उनके लिये यह गोचर बहुत मददगार साबित होगा।
वहीं इस दौरान आपमें कई बदलाव तेज़ी से हो सकते हैं जिन्हें सुखद नहीं कहा जा सकता, खासकर निवास से संबंधित। इसके अलावा व्यावसायिक रूप से, आपको अपनी योजनाओं को निष्पादित करने में अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि इस गोचर के दौरान भाग्य आपके पक्ष में नहीं होगा।
इस समय आपको स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं खासकर पेट से संबंधी। इस गोचर से आपकी बचत और आय पर प्रभाव भी प्रभाव पड़ सकता है जिससे आपकी मानसिक शांति पर भी प्रभाव पड़ेगा।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- मंगलवार के दिन उपवास रखें।

6. कन्या राशि
इस गोचर में मंगल आपकी राशि से सातवें भाव पर रहेंगे। यह भाव विवाह से संबंधित माना जाता है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर मिश्रित और रोचक परिणाम लाने वाला है।
छोटे-छोटे मामलों को लेकर अपने लवमेट या जीवनसाथी को लेकर आप गंभीर बने रहेंगे, जिससे प्रेम जीवन और संबंधों में कुछ मनमुटाव हो सकता है। हालांकि, मंगल का यह गोचर आपके भाई-बहनों के लिए कई शुभ परिणाम लाने वाला होगा।
आपकी आमदनी की बात की जाए तो यह गोचर बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता इसके कारण आप अपने भविष्य को लेकर थोड़ा नर्वस हो सकते हैं, जिसके कारण आपकी सेहत भी खराब हो सकती है।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- हनुमान अष्टकम का पाठ करें।

7. तुला राशि
मंगल का गोचर आपके षष्ठम भाव में रहेगा। इस भाव से प्रतिस्पर्धा, रोग और शत्रुओं के बारे में बताता है। चूंकि मंगल इस भाव का मुख्य कारक ग्रह है, इसलिये यह आपको शुभ परिणाम देगा।
इस गोचर के दौरान आप अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे। व्यावसायिक रूप से, आप अधिक कार्य उन्मुख होंगे जो लंबित कार्यों को पूरा करने में आपकी सहायता करेगा, जिसके चलते उच्च प्रबंधन के बीच भी आपकी अच्छी पकड़ बनेगी।
हालांकि इस दौरान आपको किसी भी तरह के परिवर्तन करने से बचना चाहिए। इस समय आपमें किसी भी तरह की बीमारी से तेजी से उबरने की क्षमता होगी। यदि किसी स्वास्थ्य समस्या से परेशान थे तो वो भी इस दौरान दूर हो सकती है।
मंगल की स्थिति आपको लचीलापन और शक्ति प्रदान करने वाली होगी। इस समय आप कुछ ऐसे निर्णय भी ले सकते हैं जो औरों के लिए सही हैं, लेकिन आपके लिये नहीं, ऐसा करना आपकी ग्रोथ पर असर डाल सकता है।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- मंगलवार के दिन गुड़ का दान करें।

8. वृश्चिक राशि
आपकी राशि के स्वामी मंगल गोचर के दौरान आपके पंचम भाव में प्रवेश करेंगे। इस भाव से आपकी बुद्धि, संतान आदि पर विचार किया जाता है। मंगल के पंचम भाव में गोचर के चलते आपको मिलेजुले परिणाम प्राप्त होंगे। पेशेवर रूप से देखा जाए तो यह गोचर बहुत अच्छा रहेगा।

हालांकि, इस गोचर के प्रभाव के कारण आप अपने आप पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगे और किसी से किसी भी प्रकार की सलाह लेने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेंगे, जिसके कारण आप अपनी समस्याओं का रचनात्मक समाधान करने में सक्षम नहीं होंगे।
वहीं इस दौरान छात्रों की एकाग्रता उत्कृष्ट होगी इससे आपको किसी भी विषय को अधिक तेज़ी से समझने में मदद मिलेगी, जिसके कारण आपके परिणामों में सुधार होगा।
मंगल को उग्र ग्रह भी कहा जाता है और यह आपके संतान भाव में गोचर कर रहा है इसलिये इस दौरान संतान के साथ आपके कुछ मतभेद हो सकते हैं।

अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- मंगलवार के दिन तांबे का दान करें।

9. धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिये मंगल का गोचर उनके चतुर्थ भाव में होगा। इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है साथ ही इससे आपकी माता के बारे में भी विचार किया जाता है।
यदि लंबे समय से आप कोई प्रॉपर्टी बेचने या नई प्रॉपर्टी खरीदने के बारे में विचार बना रहे थे तो यह गोचर आपके लिये फलदायी साबित होगा। वहीं यदि आप मार्केटिंग से संबंधित व्यवसायों में हैं या आपकी आमदनी कमीशन से आती है तो इस समय आपको कई अवसर मिल सकते हैं।
लेहिन, मंगल का यह गोचर आपकी मां के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जो आपके लिए चिंता का विषय होगा। साथ ही यह आपके जीवन के पेशेवर क्षेत्र में कुछ भटकाव पैदा कर सकता है।
आपके विवाह के सातवें घर पर इसकी सीधी दृष्टि होने से यह कभी-कभी आपको भावना शून्य बना सकता है और आपके साथी को महसूस हो सकता है कि आप रिश्ते को लेकर संजीदा नहीं हैं।
व्यवसायिक जीवन में भी कुछ दिक्कतों का सामना आपको करना पड़ सकता है, साझेदारी में बिजनेस करते हैं तो साझेदार के साथ कुछ मतभेद पैदा हो सकते हैं।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।

10. मकर राशि
मंगल आपके तृतीय भाव में इस दौरान गोचर करेगा। इस भाव को पराक्रम व भाई-बहनों का भाव भी कहा जाता है।
ऐसे में यह आपको साहस, वीरता प्रदान करेगा और उन बाधाओं से निपटने की आपको शक्ति देगा जो आपके सामने आती रहती हैं। वहीं इस गोचर के दौरान आप अपने भाई-बहनों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिता सकते हैं और यदि किसी तरह का मनमुटाव था तो उसे भी दूर कर सकते हैं।
मंगल की यह स्थिति आपको महत्वाकांक्षी बनाएगी और प्रयासों को पूरा करने की आपको क्षमता देगी जिससे सही दिशा में अग्रसर होंगे और सफलता पाएंगे। आप अधिक साहसी बनेंगे और जोखिम लेने की आपकी क्षमता में भी इजाफा होगा।
वहीं लंबे समय से जो काम अटके थे उन्हें भी आप शुरु कर सकते हैं। हालांकि इस समय आप अत्यधिक आत्मविश्वासी बन सकते हैं और आपकी इच्छाएं भी ज्यादा होंगी। ऐसे में आप एक ही समय में कई काम कर सकते हैं, जिससे काम अटक भी सकते हैं और उनमें विषमता भी आ सकती है। ऐसा करने से आपकी मानसिक शांति भी खराब हो सकती है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर अच्छा रहेगा।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- हनुमान चालीसा के पाठ करें।

11. कुंभ राशि
आपकी राशि से मंगल इस समय द्वितीय भाव पर स्थित रहेंगे। द्वितीय भाव से परिवार और धन का विचार किया जाता है। इसके साथ ही मंगल ग्रह आपके करियर के दशवें भाव का भी स्वामी है।
इस दौरान आप जितनी कुशलता से काम करेंगे, उतनी ही सफलता आपको अपने कार्यस्थल में मिलेगी। आपकी मुख्य ताकत आपका प्रगतिशील दृष्टिकोण होगा और यह गोचर आपको प्रगति के मार्ग पर चलने के कई अवसर प्रदान करने के साथ ही नई चीजें सीखने का मौका भी देगा।
मंगल के इस गोचर के दौरान आपकी वाणी में कठोरता देखी जा सकती है जिसके कारण आपको नौकरी और निजी जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिये मंगल के इस गोचर के दौरान आपको अपने वाणी पर विशेष ध्यान देना होगा।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- मंगलवार के दिन गुड़ का दान करें।

12. मीन राशि
मंगल का यह गोचर आपकी राशि के लग्न भाव में होगा, इस भाव को स्व भाव भी कहते हैं, जो आपकी शारीरिक बनावट से लेकर आपके संबंध में कई बातों को दर्शाता है।
इस समय आप छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर भी आप आक्रामक हो सकते हैं, जिसके कारण पारिवारिक जीवन के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
पेशेवर रूप से देखा जाए तो मंगल आपके नवम यानि भाग्य भाव का स्वामी है और आपके पहले घर में गोचर कर रहा है, इसके चलते आपको अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के कई नए अवसर प्राप्त होंगे।
भाग्य आपके सभी प्रयासों में आपका साथ देने वाला है। यह समय आध्यात्मिक रुप में अपने आपसे जुड़ने के लिए भी बेहतर है,।
अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय- गुरु मंत्र का जाप करें।

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