माँ भारती पर शहीद हूआ झुंझुंनू के जाखल का लाडला बेटा अजय कुमावत


झुंझुंनू के वीर सपूत अजय को राजकीय सम्मान के साथ नम आँखो से दी गई अंतिम विदाई

माँ भारती पर शहीद हूआ जाखल का लाडला अजय कुमावत

झुंझुंनू ( रमेश रामावत ) जिले के नवलगढ़ उपखंड क्षेत्र के गांव जाखल के रहने वाले अजय कुमावत लेह में सेना के एक ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गये। जिनका शनिवार को उनके पैतृक गांव जाखल में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में उमड़े लोग शहीद अजय कुमावत अमर रहे के गगनभेदी नारों के साथ शहीद को अंतिम विदाई दे रहे थे। र्पाथिव देह के साथ आए शहीद के साथी सूबेदार एम.एस. भापकर ने शहीद के भाई संजय कुमार को तिरंगा सौंपा। इस दौरान झुन्झुनू सासंद नरेंद्र खीचड़, एसडीएम मुरारीलाल शर्मा, तहसीदार कपिल कुमार, डिप्टी सतपाल सिंह, राजपाल शर्मा, पबाना सरपंच विजेंद्र डोटासरा, बागोरिया की ढाणी सरपंच राजेन्द्र सैनी सहित कई लोगो ने शहीद अजय कुमावत की र्पाथिव देह पर पुष्प चक्र व पुष्प माला र्अपित की। जाखल गांव ग्राम पंचायत भवन के पास शहीद की र्पाथिव देह की अंत्येष्टि की गई । इससे पहले शहीद की र्पाथिव देह जैसे ही घर पहुंची तो परिजन बिलख बिलख कर रो पड़े। पूरे गाँव से सन्नाटा छा गया । शहीद को पुलिस व सेना के जवानों ने र्गाड ऑफ ऑनर दिया। गुरुवार सुबह 7 बजे सेना के अधिकारियों ने अजय के परिजनों को शहादत की सूचना दी इसके बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। शहीद की पत्नी पूनम तथा 3 साल की मासूम बेटी हंसवी, मां विद्या देवी एवं पिता परमेश्वरलाल, शहीद के भाई संजय का रो-रोकर बुरा हाल है। बतादे की शहीद अजय के पिता परमेश्वरलाल मजदूरी का काम करते हैं माता विद्या देवी गृहणी है। शहीद के एक तीन साल की बेटी हंसवी व पत्नी पूनम हैं, 3 साल की मासूम बेटी हंसवी को शायद मालूम भी नहीं था उसके सिर से पिता का साया उठ गया है इन दोनों की शादी 10 वर्ष पूर्व हुई थी। अजय का ससुराल मंडावा हैं एवं उनकी पत्नी पूनम टीचर भर्ती की तैयारी कर रही है। अजय का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा जाखल में हुई। वे बचपन से ही मेधावी और देशसेवा में जाने के इच्छुक रहे। रोजाना वे स्कूल से आने के बाद सेना की तैयारी करते। शहीद के भाई संजय ने बताया कि मात्र 19वर्ष की उम्र में 2007 में चुरु सेना भर्ती रैली में अजय का चयन हो गया था। अजय कुमावत लेह में 41 र्आटिलरी में टेक्निकल असिस्टेंट के पद पर तैनात थे। बुधवार को अजय अपने साथियों के साथ एक आर्मी आपरेशन के तहत ग्लेशियर चढ़ रहे थे, इसी दौरान चट्टान फिसल गई, अजय की तबियत बिगड़ने से उन्हें हैलिकाॅप्टर से अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। इससे पहले शुक्रवार की शाम उनकी प्रार्थिव देह को विशेष वाहन से झुंझुनू बीडीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा गया। सुबह झुंझुनूं में यहां पर जिला कलेक्टर उमर दीन खान एवं जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र शर्मा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमाण्डर परवेश अहमद ने शहीद की प्रार्थिव देह पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित कर यहां से सुबह उनका शव उनके गांव के लिए रवाना किया गया।

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