राम बने अयोध्या के राजा, खुशियों से जगमग हुई अयोध्या नगरी

 राम बने अयोध्या के राजा, खुशियों से जगमग हुई अयोध्या नगरी



-कोरोना महामारी को देखते हुए नहीं निकाली यात्रा

गुरुग्राम। यहां जैकबपुरा स्थित श्री दुर्गा राम लीला में लीला के अंतिम दिन राम का राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। इससे पूर्व मंच पर ही भरत-राम का मिलाप दिखाया गया। इस पूरी लीला ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार पूरा कार्यक्रम मंच पर ही किया गया।

वर्ष 1966 में शुरू हुई श्री दुर्गा राम लीला के 28 साल के इतिहास में इस बार कई बदलाव कोरोना महामारी के चलते किए गए। पहले तो राम बारात और राम लीला के अंतिम दिन राम-लक्ष्मण-सीता के अयोध्या लौटने की यात्रा को स्थगित करना पड़ा। पहले पूरे हर्षोल्लास के साथ बाजारों में से बैंड बाजों की धुनों पर, पुष्प वर्षा के बीच यह यात्रा निकाली जाती थी। इस बार यह सारा कार्यक्रम जैकबपुरा में राम लीला के मंच पर ही करना पड़ा। अयोध्या में प्रवेश करने पर श्रीराम-लक्ष्मण व सीता का भव्य स्वागत किया गया। इससे पूर्व भरत व राम का मिलाप की लीला दिखाई गई। बेहद ही भावुक करने देने वाले यह क्षण थे। बेशक युवा राम, लक्ष्मण, सीता, भरत के पात्र के रूप में थे, लेकिन यहां दृश्य पूरा असली प्रतीत हो रहा था। दर्शक भी भावुक थे। मिलाप के बाद राम के राज्याभिषेक की तैयारी की गई। मंत्रोच्चरण के बीच श्री राम को अयोध्या का राजा बनाया गया। महारानी के रूप में सीता उनके साथ मौजूद रही। अयोध्या नगरी बने जैकबपुरा में खुशियां मनाई गई।

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