कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में दोनों पार्टियों में होगा बड़ा बदलाव

 कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में दोनों पार्टियों में होगा बड़ा बदलाव 

पवन वैष्णव आमेट



विधायक राठौड के प्रति विधानसभा में बढ़ रही लगातार नाराजगी


चेहत्तो को तवज्जो वरिष्ठ कार्यकर्ताओ की दरकीनार

बन रही मुख्य कारण


आमेट न्यूज _कहते हैं लंबी रेस का आखिर अंत होता है कहानी चरितार्थ करते दिख रही है कुंभलगढ़ विधानसभा की राजनीति की पृष्ठभूमि जहां दोनों भाजपा कांग्रेस पार्टी में बड़े बदलाव के संकेत दिख रहे हैं ।जहां भाजपा में अब विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड के खिलाफ बगावत के सुर बुलंद हो गए तो कांग्रेस में नए चेहरे की सुगबुगाहट होने लगी है। बात करते हैं विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ की जहां पालिका चुनाव से विधायक के प्रति विरोध शुरू हुआ जो अब प्रधान चुनाव में भी जोर पकड़ लिया है। हाल ही होने वाले प्रधान चुनाव में टिकटों को लेकर विधायक की मनमर्जी भारी पड़ गई ।



जहां पंचायत में जिला परिषद चुनाव में भाजपा के प्रधान पति सहित पूरी विधानसभा से दो दर्जन सरपंच सहित कई वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक राठौड के प्रति बगावत कर दी और आमेट में 6जगह भाजपा बागी चुनाव मैदान में उतर गए ।हालांकि स्पष्ट हो गया कि इस बार भाजपा से 25 साल की प्रधान सत्ता छीन कांग्रेस की झोली में जाना तयलग रहा है ।लगातार विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौह द्वारा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज अब राठौड को भारी पड़ने लग गए ।आने वाले समय की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है जहां भाजपा में अब युवा चेहरे पर नजरे आ टिकी है जो कुंभलगढ़ के लिए युवा चेहरे में जिन्होंने कोरोना काल सहित हर समय कंधे से कंधा मिला जरूरतमंद लोगों की सेवा की ओर लगातार भाजपा कार्यकर्ताओं में पकड़ बना सभी को साथ लेकर चलने वाले युवा चंद्रभान सिंह सोलंकी को देखने तैयार हैं भाजपा में युवा सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता भी नया विधायक चाहते हैं जो विकास के साथ सभी को साथ लेकर चले। दूसरी तरफ कांग्रेस में भी अब युवा नेतृत्व की बागडोर की आवाज बुलंद हो गई है जहां कांग्रेस में भी कार्यकर्ता युवा के रूप में कैलाश मेवाड़ा, दिलीप सिंह राव और योगेंद्र परमार के रूप में नेता देखना चाहते हैं। हालांकि प्रधान चुनाव को लेकर आमेट पंचायत समिति क्षेत्र में भाजपा ने पूर्व प्रधान पति अनोप सिंह चुंडावत, प्रवीण मेवाड़ा, बहादुर सिंह सहित एक दर्जन सरपंचों ने बगावत कर छह सीटों पर भाजपा के खिलाफ बागियों को मैदान में उतारा तो आमेट ग्रामीण मंडल भाजपा उपाध्यक्ष सुख लाल गुर्जर ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम पत्नी को कांग्रेस में वार्ड पंच के रूप में मैदान में उतार दिया इस बार भाजपा के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड से नाराज होकर बगावत कर प्रधान भाजपा का नहीं बनने की ठान ली है। 



दूसरी ओर कुंभलगढ़ में भी कई वरिष्ठ नेता कमला जोशी निर्भय सिंह, नाथू लाल गुर्जर, विकास दवे सहित दो दर्जन कार्यकर्ता विधायक के तेवरों से नाराज हो गए और बगावत कर दी जहा विधानसभा में दोनों प्रधान बचाना विधायक राठौड के लिए कोसों दूर नजर आ रहा है। जिसका मुख्य कारण विधायक राठौड की मनमर्जी। वही राजसमंद की राजनीति में भी आलाकमान को बागियों ने सोचने पर मजबूर कर दिया हैं। बीजेपी में गुटबाजी का बड़ा कारण मौजूदा सांसद दिया कुमारी समर्थक विधायक सुरेन्द्र सिंह एंव गिने चुने कार्यकर्ता है। जहा हर विधानसभा में विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड वरिष्ठ कार्यकर्ताओं दरकिनार कर अपने चेहतो तवज्जो देने से भारी नाराज की शुरुआत कर दी है। भाजपा आलाकमान भी पूरी रिपोर्ट अनुसार नए चेहरे को लेकर आश्वस्त है जो पार्टी के रूप में युवा नेतृत्व चन्द्रभान सिंह को मौका दे सकती हैं। जहा युवा भी इस बार युवा नेतृत्व की आस लेकर बैठा हैं जो पूरी होने की आस में हैं। वही कांग्रेस में भी युवा चेहरे को लेकर मौका मिल सकता है।

Post a Comment

0 Comments