वृंदावन कुंभ मेला को सरकारी बैठक में पुनः संत समागम बताने पर रोष

 वृंदावन कुंभ मेला को सरकारी बैठक में पुनः संत समागम बताने पर रोष



 वृंदावन। ब्राह्मण सेवा संघ की एक आवश्यक बैठक सीएल शिशु शिक्षा निकेतन पर आहूत की गई । बैठक में वक्ताओं ने वृंदावन को कुम्भ मेला को सरकारी बैठको में बार-बार संत समागम बताने पर भारी रोष व्यक्त किया गया। अध्यक्षता करते हुए पंडित चंद्र लाल शर्मा ने कहा कि वृंदावन का कुंभ मेला सदैव से वैष्णव कुंभ मेला के रूप में आयोजित होता रहा है । विगत कुंभ मेला के दस्तावेजों में भी यह ऐतिहासिक रूप से दर्ज है। किंतु इस बार इसे संत समागम बताकर ब्रज वासियों की आस्था तथा कुंभ मेला की महिमा एवं परंपरा से छेड़छाड़ की जा रही है, जो कि ब्रजवासी गण एवं संत समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। 



चतु: संप्रदाय श्री महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज एवं आचार्य आनंद बल्लभ गोस्वामी ने कहा कि विगत दिनों वृंदावन में हुई संतों एवं ब्रज वासियों की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था।  स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं लेकिन समाचार पत्रों में लगातार इसे संत समागम बताना सरकारी मंशा पर संदेह प्रकट करता है शासन प्रशासन को चाहिए की तत्काल इस विषय में स्पष्टीकरण दें।

आचार्य मृदुल कांत शास्त्री एवं कार्ष्णि नागेंद्र दत्त गौड़ ने कहा कि यदि प्रशासन का यही रवैया रहा तो ब्रज वासियों को मुखर आंदोलन चलाने पर बाध्य होना पड़ेगा। ब्रज वासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा पंडित सत्यभान शर्मा एवं डॉ मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि जब जनता के विरोध करने पर पूर्व में  शासन प्रशासन ने अपनी चूक स्वीकार कर ली थी, फिर बार-बार सरकारी विज्ञप्ति एवं टेंडरों में संत समागम के रूप में वृंदावन कुंभ मेला का उल्लेख करना कतई बर्दाश्त नहीं होगा।


बैठक में सर्व सम्मति से तय किया गया कि यदि सरकारी स्तर पर कुंभमेला को सन्त समागम के रूप में स्थापित करने का कोई प्रयास अब किया गया तो भारी आंदोलन चलाया जाएगा।

 बैठक में पंडित कृष्ण चंद्र गौतम छीता, पंडित जगदीश नीलम, राजेश किशोर गोस्वामी, रसिक बिहारी शास्त्री,  आचार्य शिवांश भाई मिश्र, आचार्य रमेश चंद्र विधि शास्त्री, संतोष चतुर्वेदी, ब्रजेश शर्मा ,रामजीवन शर्मा, नरेंद्र शर्मा, सर्वेश तिवारी, तपेश पाठक, नीरज गौड़, आदि उपस्थित थे।

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