प्लाज़्मा दान करते हुए कोरोना वॉरियर्स बचा रहे है, अन्य संक्रमित लोगो की जिंदगी

प्लाज़्मा दान करते हुए कोरोना वॉरियर्स बचा रहे है, अन्य संक्रमित लोगो की जिंदगी।

– प्लाज़्मा डोनेट करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा, गुरुग्राम में 500 से अधिक लोगों ने ठीक होने के बाद किया प्लाज़्मा डोनेट। 
– प्लाज़्मा डोनेशन को लेकर लोगों की हो रही है गलतफहमी दूर, एक से अधिक बार भी कर रहे है लोग प्लाज़्मा डोनेट। 


गुरुग्राम  । कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद अब मरीज पहले के मुकाबले प्लाज्मा डोनेशन में ज्यादा रूचि ले रहे हैं। वे कोरोना से जंग जीतने में अन्य संक्रमितों की मदद कर रहे हैं। वहीं कोन्वेलेसेंट प्लाज्मा थैरेपी की मदद से कोरोना वायरस से ठीक हो चुके व्यक्ति का प्लाजमा  संक्रमित मरीज में चढ़ाया जा रहा है,जिससे रोगी के शरीर में प्लाज्मा थेरेपी की मदद से एंटीबॉडीज डेवलेप हो रही हैं जिससे मरीज को स्वस्थ होने में मदद मिलती है।
जिला में रोटरी ब्लड बैंक में किए जा रहे प्लाज्मा डोनेशन के बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र यादव ने बताया कि अब तक कोरोना से स्वस्थ हो चुके 597 लोग अपना प्लाज़्मा दान करने के लिए आगे आ चुके हैं।

उन्होंने बताया कि प्लाज़्मा लेते समय दानकर्ता व्यक्ति के स्वास्थ्य की जांच की जाती है और पूरी तरह से स्वस्थ पाए जाने वाले व्यक्ति का ही प्लाज़्मा लिया जाता है।
डॉ यादव ने बताया कि सभी 597 लोगो के स्वास्थ्य की जांच की गई जिसके पश्चात इन व्यक्तियों में से 390 व्यक्ति प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए स्वस्थ पाए गए। इन 390 व्यक्तियों से 760 यूनिट प्लाज़्मा रोटरी ब्लड बैंक को प्राप्त हुआ है , जिसके बाद रोटरी ब्लड बैंक द्वारा सभी जरूरतमंदो को इलाज के लिए प्लाज़्मा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अब लोगों में प्लाज़्मा डोनेट करने को लेकर  गलतफहमियां दूर हो रही हैं। कोरोना पर जीत प्राप्त कर चुके लोग स्वस्थ होने के बाद प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए आगे आ रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि अब लोग एक से अधिक बार भी प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 33 व्यक्ति एक से अधिक बार अपना प्लाज़्मा डोनेट कर चुके हैं और जिला में प्लाज्मा डोनेशन की मुहिम धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।

 डॉ यादव ने बताया कि हर कोरोना संक्रमित मरीज को प्लाज्मा थेरेपी की आवश्यकता नहीं होती है। आरटीपीसीआर के नतीजे पॉजिटिव आने पर व मरीज का रेस्पिरेटरी रेट 24 ब्रीद प्रति मिनट से अधिक होने के साथ उसके खून का ऑक्सीजन लेवल 93 प्रतिशत से कम पाए जाने पर मरीज को प्लाज्मा थेरेपी की आवश्यकता होती है। बाकी मरीजों के शरीर में खुद से भी एंटीबॉडीज विकसित होते हुए वे स्वस्थ हो रहे हैं।
 
कौन कौन कर सकता है प्लाज़्मा डोनेट।
सिविल सर्जन डॉ यादव ने बताया कि प्लाजमा डोनेट करने के लिए व्यक्ति की आयु 18 से 60 साल के बीच होनी अनिवार्य है।कोरोना संक्रमण से ठीक होने के उपरांत 14 दिन के भीतर प्लाजमा डोनेट किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में केवल वे महिला ही प्लाज्मा डोनेट कर सकती हैं जो कभी मां नहीं बनी या जिनका कभी मिसकैरेज अर्थात गर्भपात नहीं हुआ हो। पुरुषों में कोई भी पुरुष प्लाज़्मा डोनेट कर सकता है, परंतु यदि वह मधुमेह रोगी है तो उसका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित होना चाहिए और वह इंसुलिन पर निर्भर ना हो। उन्होंने बताया कि प्लाज्मा डोनेट करने से पहले व्यक्ति को अधिक से अधिक तरल पदार्थ पीना चाहिए और कम से कम 2 घंटे पहले उचित भोजन लेना चाहिए।
डॉ यादव ने कहा कि एक बार प्लाज्मा डोनेट करने के बाद भी स्वस्थ व्यक्ति 15 दिनों के बाद दोबारा से अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकता है।

प्लाज़्मा डोनेशन वाले व्यक्ति को रोटरी ब्लड बैंक द्वारा दिया जाता है कार्ड।

ब्लड बैंक द्वारा दिए गए कार्ड की मदद से वे जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि व्यक्ति एक साल तक जरूरत अनुसार रोटरी क्लब से ब्लड निःशुल्क ले सकता है।

Post a Comment

0 Comments