किसान आंदोलन पर यह कार्टून बन गए गरम चर्चा





बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में फाइन आर्ट में मास्टर डिग्री कर रहा छात्र भरत

भरत की बनाई गई मौत की लालसा कैरीकेचर राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई

युवा छात्र के चित्र इंटर यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी मे शामिल


गुरूग्राम  । इन दिनों देश ही नहीं दुनिया भर की नजरें भारत में किसान आंदोलन को लेकर टिकी हुई है । किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी कैरीकेचर , कार्टून इत्यादि पोस्ट और शेयर किए जा रहे हैं ।

इसी किसान आंदोलन के दौरान ही बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अप्लाइड आर्ट में मास्टर डिग्री कर रहे छात्र भरत जो कि वरिष्ठ पत्रकार फतह सिंह उजाला का पुत्र है के द्वारा बनाए गए कार्टून चर्चा का केंद्र बनने के साथ अपने आप में गहरा संदेश भी देते प्रतीत हो रहे हैं । इससे पहले छात्र भरत के द्वारा कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बैचलर आफ फाइन आर्ट की डिग्री प्राप्त की गई । कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बीएफए करते हुए भी छात्र भरत के द्वारा बनाई गई मौत की लालसा नामक कैरीकेचर पेंटिंग इंटर यूनिवर्सिटी सहित राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में साराही जाने के साथ पुरस्कृत भी की गई। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बीएफए की डिग्री करते हुए सहयोगी छात्र के साथ मिलकर भारत के द्वारा बनाई गई 2 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म को यूनिवर्सिटी स्तर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ।

इसके बाद एशिया में दूसरे नंबर पर माने जाने वाली बीएचयू बनारस बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अप्लाइड आर्ट्स टीम में एडमिशन के कंपटीशन के दौरान देश-दुनियाभर के छात्रों के बीच भारत में छठा स्थान प्राप्त कर अप्लाइड आर्ट में मास्टर डिग्री में एडमिशन प्राप्त करने में सफलता हासिल की। छात्र भरत के द्वारा पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान , शौच मुक्त अभियान सहित पर्यावरण के अलावा अनेक विषयों पर ड्राइंग , पेंटिंग , कैरीकेचर इत्यादि बनाए जा चुके हैं । आर्ट का यह होनहार छात्र और इसकी बनाई गई आर्ट को इंटर युनिवसिंर्टी  स्तर पर भी कई बार पुरस्कृत किया जा चुका है ।

अब हाल ही में जारी किसान आंदोलन को देखते हुए अप्लाइड आर्ट में मास्टर डिग्री कर रहे होनहार आर्टिस्ट छात्र भरत के द्वारा किसान आंदोलन पर केंद्रित किसान संगठनों की मांगों और केंद्र सरकार के द्वारा पारित कृषि बिल के मुद्दे को लेकर बनाए गए कार्टून किसान आंदोलन और सरकार के अपने पक्ष को अपने-अपने तरीके से प्रस्तुत करते दिखाई दे रहे हैं । इससे पहले भी केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार-दो और बीजेपी को प्राप्त बहुमत पर आधारित छात्र भरत के द्वारा बनाए गए कार्टून खूब सराहे जा चुके हैं ।

किसान आंदोलन को लेकर बनाए गए हालिया कार्टूनों में दर्शाया गया है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार-दो के आरंभिक 100 दिन में किए गए काम और उसके बाद के जनहित के कार्यों को लेकर खूब सराहा गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की साख बढ़ी। इधर करोना कॉल के समाप्त होते होते केंद्र सरकार के द्वारा नए कृषि बिल पारित किए गए । इन कृषि बिल अथवा अध्यादेश को लेकर किसानों में नाराजगी फूट पड़ी और यह नाराजगी ऐसी फूटी की देशभर के विभिन्न किसान संगठनों और उनके प्रतिनिधियों के द्वारा अखिल भारतीय संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए किसी बिल को संसद का विशेष अधिवेशन बुलाकर रद्द करने या फिर निरस्त करने की निरंतर मांग की जा रही है । वही पीएम मोदी , गृहमंत्री अमित शाह तथा आंदोलनकारी किसान संगठनों से वार्ताकार केंद्र सरकार के प्रतिनिधि मंत्री कृषि बिल को किसान हित में बता रहे हैं । हाल ही में बनाए गए कार्टूनों में केंद्र सरकार, पीएम मोदी और किसान संगठनों की इसी खींचतान को बेहद खूबसूरती के साथ कार्टूनों में दर्शाया गया है।

छात्र भरत के मुताबिक अक्सर वह अपने पिता पत्रकार फतह सिंह उजाला को समाचार लिखते, चर्चा करते हुए और संबंधित समाचारों सहित ताजा मुद्दों पर छाया चित्रों को देख अपने अंदर के कलाकार को प्रेरित करता रहता है । कई बार गंभीर और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुद्दों और आंदोलनों को लेकर भी बनाए जाने वाले कार्टून , कैरीकेचर , ड्राइंग इत्यादि पर विचार विमर्श करके अपनी कूची से कार्टून बनाकर शब्दों की माला पहनाने में कामयाब रहा है । अप्लाइड आर्ट की मास्टर डिग्री करते हुए छात्र भरत अब फाइनल ईयर में विजुअल यानी कि चलचित्र  वाले विभिन्न प्रकार के डोमेस्टिक और कमर्शियल डॉक्यूमेंट्री बनाने सहित संक्षिप्त फिल्मों पर काम कर रहा है। छात्र भरत के मुताबिक आने वाला समय और समय की  मांग किसी भी प्रकार के प्रचार और प्रसार के  लिए चलचित्र, डॉक्यूमेंट्री , विज्ञापन पर ही  अधिक रहेगी । छात्र भरत के मुताबिक उसके द्वारा बनाए गए पेंटिंग , कैरीकेचर ,कार्टून व अन्य प्रकार की आर्ट्स को जब आम लोगों के द्वारा सराहा जाता है तो इससे और अधिक बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है

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