विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का समाधान तत्परता से करें -निगमायुक्त

 विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का समाधान तत्परता से करें -निगमायुक्त

-    निगमायुक्त विनय प्रताप सिंह ने नगर निगम गुरूग्राम एवं जीएमडीए के
     अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करके सीएम विंडो, कॉल सैंटर तथा
     सोशल मीडिया ग्रीवैंस ट्रैकर के माध्यम से आने वाली शिकायतों की
     समीक्षा की


गुरूग्राम, 17 दिसम्बर। नगर निगम गुरूग्राम के आयुक्त एवं गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने वीरवार को नगर निगम गुरूग्राम एवं जीएमडीए के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक की। बैठक में उन्होंने सीएम विंडो, कॉल सैंटर तथा सोशल मीडिया ग्रीवैंस ट्रैकर के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को शिकायतों का समाधान निर्धारित समयावधि में करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीएम विंडो, कॉल सैंटर, एसमजीटी सहित विभिन्न अन्य माध्यमों से आमजन से संबंधित शिकायतें दोनों विभागों को प्राप्त होती हैं। सरकार द्वारा इन शिकायतों के समाधान के लिए समयसीमा भी निर्धारित की गई है। अधिकारी इन शिकायतों को गंभीरता से लें तथा इनका समाधान तत्परता से करें। उन्होंने कहा कि जो शिकायतें तुरंत हल हो सकने वाली हैं, उनका समाधान तुरंत करवाएं तथा जिन शिकायतों में ज्यादा समय लगना है, उनके बारे में स्पष्ट स्टेटस अपडेट करें। निगमायुक्त ने दोनों विभागों के अधिकारियों से कहा कि उनसे संबंधित जो भी लंबित शिकायतें हैं, उनका समाधान एक सप्ताह के भीतर करवाएं। निगमायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि अगर कोई शिकायत आपके पास ट्रांसफर होती है, और वह अगर आपसे संबंधित नहीं है, तो उसे तुरंत ही संबंधित विभाग या अधिकारी के पास ट्रांसफर करें, ताकि संबंधित अधिकारी समय पर उसका समाधान करवा सके।

   बैठक में जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि कॉल सैंटर के नंबर 1800-180-1817 पर प्रतिदिन 300 से 400 कॉल आती हैं। कॉल सैंटर में बैठे एग्जीक्यूटिव इन सभी कॉल्स को अटैंड करते हैं तथा अगर किसी कारणवश कॉल अटैंड नहीं हो पाती है, तो संबंधित को कॉल बैक भी की जाती है। उन्होंने बताया कि कॉल सैंटर के अलावा, माई गुरूग्राम मोबाइल एप के माध्यम से भी नागरिक शिकायतें करते हैं। प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभाग के संबंधित अधिकारियों को भेज दी जाती है। इसके लिए समयसीमा भी निर्धारित की गई है। उदाहरण के तौर पर अगर जूनियर इंजीनियर या असिस्टैंट इंजीनियर के स्तर पर 48 घंटे में समाधान नहीं होता है, तो शिकायत अगले स्तर के अधिकारी अर्थात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि कॉल सैंटर में अधिकतर सडक़, स्ट्रीट, सफाई, स्ट्रीट लाईट, बागवानी, पेयजल, सीवरेज आदि मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त होती हैं। बैठक में बताया गया कि स्ट्रीट लाईट से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों का समाधान निर्धारित समयावधि के भीतर किया जा रहा है।     

    बैठक में नगर निगम गुरूगाम के चीफ इंजीनियर रमन शर्मा, एसई राधेश्याम शर्मा, जीएमडीए के एसई सुनील कुंडु सहित दोनों विभागों के कार्यकारी अभियंता एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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