ब्रज के पर्वतों पर हो रहे विशाकारी खनन के खिलाफ साधू-संतों व ग्रामीणों का धरना

 ब्रज के पर्वतों पर हो रहे विशाकारी खनन के खिलाफ साधू-संतों व ग्रामीणों का धरना प्रारम्भ सरकार नहीं मानी तो शीघ्र ही एक विशाल आन्दोलन का रूप दिया जाएगा ।

अजय विधार्थी 



 डीग : डीग स्थित आदिबद्री क्षेत्र में हो रहे विनाशकारी खनन के विरोध में ग्राम पसोपा में प्रशासन व राज्य सरकार की अनदेखी व हटधर्मिता से त्रस्त हो कर साधुसंतो द्वारा

 अनिश्चतकालीन धरने की शुरुआत की गयी |



 ,  उल्लेखनीय है कि विगत 10 वर्षों से स्थानीय जनमानस एवं ब्रज के साधू संत उपरोक्त पर्वतों पर हो रहे अवैध  खनन सहित सम्पूर्ण खनन पर पूर्ण रोक के लिए पिछले कई महीनो से कंकाचल पर्वत से लगे गावों के सरपंच, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामवासी, लगातार जिला प्रशासन से उक्त पर्वत पर हो रहे खनन को अविलम्ब बंद करने की गुहार कर रहे हैं,

धरने में हिन्दू –मुस्लिम लोग साथ अपने पर्वतों को बचाने के लिए   सर्घष करते नजर आए साथ ही धरना स्थल पर सैकड़ो  साधु संतों ने भजन कीर्तन प्रारम्भ कर दिया है।



धरना स्थल पर संम्पन हुई जनसभा में मानमंदिर के सचिव सुनील सिंह (ब्रजदास) ने कहा कि जिला   ब्रज के परम धार्मिक पर्वत आदिबद्री व कन्कांचल पर हो रहे खनन को अभी तक नहीं रोका गया है, अपितु जन भावनाओं की अनदेखी कर खननकर्ताओं के साथ साठ गाँठ करते हुए वृहद् स्तर पर अनियंत्रित खनन कार्य करवाया जा रहा है |

 उन्होंने आरोप लगाया कि खनन माफियों ने न केवल बड़े सरकारी अधिकारियों को प्रभावित कर रखा है वरन सरकार में बैठे राजनेतिक 

रसुकदारों को अपने गोरखधेंधे में शामिल किया हुआ है जिसकी जड़ें बड़े पदाधिकारियों तक फेली हुई है | मानमंदिर के कार्यकारीअध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्रज क्षेत्र के सभी साधु संत व ग्रामवासी एकजुट हो आदिबद्री पर हो रहे खनन के खिलाफ  निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हो जाये व आज से शुरू हो रहे धरने को एक विशाल जन आदोंलन के रूप में खड़े करने का संकल्प लें | 

उन्होंने कहा कि यहाँ का प्रशासन व सरकारी तंत्र  स्थानीय ग्रामीणों व साधु-संतों की अत्यंत आवश्यक, वैधानिक मांग की अनदेखी कर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहा है | 

 पसोपा सरपंच ने चेतावनी दी कि आज से जो धरना प्रारम्भ हो रहा इसे अंत्यंत विशाल व उग्र रूप दिए जाने की कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है |

 इस दौरान ग्रामवासियों व साधु संतों ने आक्रोशित हो कर सर्वसम्मिति से इस आदोलन को अंतिम व निर्णायक लड़ाई बताते हुए , अंतिम समय तक  संघर्ष में डटे रहने की बात कही एवं उक्त पर्वतों पर हो रहे खनन लो तुरंत बंद करने के लिए  सरकार व प्रशासन के  खिलाफ नारे लगाए व आदिबद्री को खनन मुक्त करवाने का संकल्प लिया |

 इस अवसर पर मुख्य रूप से आदिबद्री मंदिर के महंतश्री शिवराम दास जी महाराज, फौजी जलाल खान, सरपंच ककराला, विजयसिंह सरपंच  पसोपा, सुलतान सिंह, सरपंच अलीपुर, चाँव खान, उमर खिचन, फजरू मियां, सौदान खान, आला, मजीत खान, कुलदीप बंसल, रमजान, इसरद, हरिबोल दास, भूरा बाबा,  विजय दास, बी एस पुजारी, सुशील कृष्णदास बाबा, नितिन कृष्णदास, नारायण चैतन्य बाबा, ब्रजराज दास बाबा, निवृति दास, गौर दास बाबा, गोपाल दास बाबा, दीनदयाल, लक्ष्मण चैतन्य बाबा, श्याम लाल आदि उपस्थित रहे |

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