मुख्यमंत्री की नीति कोरोना नियंत्रण में आई काम: बोधराज सीकरी

 मुख्यमंत्री की नीति कोरोना नियंत्रण में आई काम: बोधराज सीकरी



-गुरुग्राम जिला प्रशासन भी है बधाई का पात्र

गुरुग्राम। प्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बोधराज सीकरी ने गुरुग्राम में कम हो रहे कोरोना केसों पर कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कुशल नीति से ही कोरोना नियंत्रण में आया है। इसके साथ ही गुरुग्राम जिला प्रशासन भी बधाई का पात्र है। जिसने मुख्यमंत्री की नीतियों को अमलीजामा पहनाकर कोरोना के केसों पर नियंत्रण पा लिया है। 

बोधराज सीकरी ने कहा कि गुरुग्राम में 5 जनवरी 2020 को मात्र 31 कोरोना केस आए हैं। कोई मृत्यु नहीं हुई। इसका श्रेय आम जनता को भी जाता है। जो कि सरकार हिदायतों का पालन करती है। उन्होंने कोरोना के टीकाकरण में भी लोगों से सहयोग की अपेक्षा की। श्री सीकरी ने कोरोना महामारी की वैक्सीन को लेकर कहा कि यह हमारी बड़ी उपलब्धि है। विपक्ष इस पर भी राजनीति करता है। हमारे वैज्ञानिकों की योगयता का मजाक उड़ाया जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ख्याति पर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसा नहीं चाहिए। श्री सीकरी ने कहा कि वैक्सीन के मामले में भारत पहले नंबर पर है। यूनेस्को के वैक्सीनेशन की 75 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग भारत में होती है। वहीं दवाइयों के निर्यात में हम तीसरे नंबर पर हैं। वैक्सीन में पहले नंबर पर। हमारे यहां से सालाना दो लाख करोड़ की दवाइयां, वैक्सीन निर्यात होती हैं। हर वर्ष 10 से 12 प्रतिशत औषध उद्योग भी बढ़ रहा है। दिल्ली के निकट होते हुए गुरुग्राम काफी महत्वपूर्ण है। यहां सैंकड़ों मल्टीनेशनल कंपनियां, उनके मुख्यालय और शाखाएं हैं। 500 से अधिक फॉच्र्युन कंपनियों के कार्यालय गुरुग्राम समेत पूरे हरियाणा में हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे सस्ती दवाओं का निर्माता भारत है। भारत में लोगों को आयुष्मान भारत परियोजना के तहत बेहतर उपचार दिया जा रहा है। 

अमेरिका एवं 12 यूरोपीय देशों ने भारत के टीके पर अपनी रुचि दिखाई है। भारत में निर्मित वैक्सीन दूसरे टीकों से अधिक प्रभावी है। भारतीय टीके को फैक्ट्री 2021 में 70 करोड़ टीके बना लेगी। कोरोना वायरस की जो नई किस्म हाल ही में सामने आई है, उस पर भी इस टीके के असर का एक सप्ताह में पता चल जाएगा। भारतीय कंपनी के पास 25 हजार से अधिक लोगों के आंकड़े उपलब्ध हैं। टीके की दो खुराक देने के बाद हमारे शरीर में वेक्टर एवं स्पाईक प्रोटीन के प्रतिरोध की क्षमता विकसित होगा। श्री सीकरी ने बताया कि किसी महामारी के बीच दूसरे चरण के सफल परीक्षण के बाद टीके के आपात प्रयोग की ड्रग कंट्रोलर द्वारा अनुमति देना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि स्वाईन फ्लू के दौरान भी ऐसा हुआ था।

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