अन्नदाता की आड़ में आए उपद्रवियों पर सख्ती दिखाए सरकार: बोधराज सीकरी

 अन्नदाता की आड़ में आए उपद्रवियों पर सख्ती दिखाए सरकार: बोधराज सीकरी


-देश की राजधानी दिल्ली में हुए उपद्रव पर भाजपा नेता की टिप्पणी
-सरकार को बदनाम करने की थी साजिश, खुद हुए बेपर्दा

गुरुग्राम। देश की राजधानी दिल्ली में जिस तरह से गणतंत्र दिवस के मौके पर अन्नदाता की आड़ में उपद्रवियों नेे हालात पैदा किए हैं, वे माफी के लायक नहीं है। सरकार ऐसे उपद्रवियों पर अधिक सख्ती दिखाए, ताकि भविष्य में इस तरह की हिमाकत कोई ना कर पाए। दिल्ली की घटना से क्षुब्ध होकर यह बात प्रसिद्ध उद्योगपति एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री बोधराज सीकरी ने कही है।

बोधराज सीकरी ने कहा कि जिन तीन अध्यादेशों को लेकर तथाकथित लोगों ने किसानों को भड़काकर सरकार के खिलाफ जिस तरह से दंगे किए गए हैं, यह सीधे तौर पर राष्ट्र द्रोह है। लाल किले की प्राचीर पर झंडा लगाकर देश की अस्मत से खिलवाड़ किया है। किसानों की आड़ में शरारती तत्वों ने देश का माहौल खराब करने का यह प्रयास किया है। अपने गणतंत्र पर यह संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं। भारत के संविधान में सभी को बराबर के अधिकार दिए गए हैं। संविधान के अधिकारों से ही इतने दिनों तक लोग धरने पर बैठे हैं। सरकार ने पूरी छूट दी है। फिर भी सरकार के खिलाफ किसानों की आड़ में कुछ लोगों द्वारा अपने मंसूबों में कामयाब होने का प्रयास किया गया।

बोधराज सीकरी ने कहा कि 26 जनवरी 2021 का दिन हमारे देश के इतिहास में काले दिवस के रूप में लिखा है। इस पवित्र दिन पर जब देश अपनी सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विरासत और अपने संविधान को नमन कर रहा था, उसी समय किसानों की आड़ में शरारती तत्वों ने जो माहौल पैदा किया, वह दुनिया में भारत को शर्मसार कर गया। सरकार ऐसे लोगों से अब सख्ती से निपटने के प्रबंध करे। क्योंकि इस घटना ने उन किसानों को भी बदनाम किया है, जो कि आज भी अपने खेतों में रहकर जमीन से फसल रूपी सोना उगाने में जुटे हैं।

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