आज से प्रारम्भ हुई आदिबद्री पर्वत की तीन दिवसीय परिक्रमा यात्रा |


ब्रज के पर्वतों पर हो रहे विशाक

आज से प्रारम्भ हुई आदिबद्री पर्वत की तीन दिवसीय परिक्रमा यात्रा |



हजारों ग्रामीण व साधू संत कर रहे है यात्रा


परिक्रमा यात्रा का जगह जगह हुआ भव्य स्वागत, आज का पड़ाव जठेरी में


अजय विद्यार्थी 



 डीग >< धार्मिक आस्था आदिबद्री क्षेत्र में रहे विनाशकारी खनन के विरोध में ग्राम पसोपा में अनिश्चतकालीन धरने के 12  दिन आज ब्रज के धार्मिक पर्वत आदिबद्री की तीन दिवसीय परिक्रमा प्रारम्भ हुई ।

 जिसमे हजारों ग्रामीणों व साधू संतों ने भाग लिया |

 आदिबद्री पर्वत की परिक्रमा का इतिहास कई हजारों वर्ष पुराना है |

 अगर हमारे धार्मिक ग्रंथों व पुराणों की माने तो परिक्रमा की यह परम्परा ध्रुव महाराज जी के समय से चली आ रही जिसको कलियुग में लगभग 600 वर्ष पूर्व चैतन्य महाप्रभु, नारायण भट्ट स्वामी जी, सूरदास जी, चाचा वृन्दावनदास जी, हित हरिवंश जी आदि कई महापुरुषों ने भी आगे बढाया है व अपने परिकर के साथ इस दिव्य पर्वत की परिक्रमा की है जिसका प्रमाण उनकी वाणियो से मिलता है | 

ब्रज में स्थित आदिबद्री का महत्व ब्रजवासियों व कृष्णभक्तों के लिए उत्तराखंड में हिमालय श्रंखला में स्थित बदरीनाथ धाम से भी अधिक है | 

आज से प्रारम्भ हुई परिक्रमा में हजारों की संख्या में हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के ग्रामीणों व साधू संतों ने भाग लिया | 

परिक्रमा के दौरान जगह जगह यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया व आदिबद्री पर्वत को खनन से मुक्त कराने के लिए सभायें आयोजित की गयी | अखंड हरिनाम की धुन के बीच शुरू यात्रा में हमारी भारतीय संस्कृति के कई अनुपम रंग देखनों को मिले व हिन्दू –मुस्लिम एकता की अनूठी तस्वीर खिंची गयी |

 12 किलोमीटर की यात्रा कर परिक्रमा आज के अपने पड़ाव जठेरी पहुंची जहाँ बड़ी सभा का आयोजन कर ब्रज के पर्वतों को खनन की विभीषिका से बचाने के लिए आदोलन को उग्र करने का निर्णय लिया गया | राधाकांत शास्त्री व पूर्व विधायक गोपी गुर्जर ने कहा कि प्रशासन व राज्य सरकार की अनदेखी व हटधर्मिता से त्रस्त हो कर साधू संतो, नगर तहसील में पड़ रहे गावों के हिन्दू –मुस्लिम ब्रजवासियों को ब्रज के धार्मिक पर्वत, आदिबद्री व कंकाचल, पर हो रहे खनन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना   व आन्दोलन प्रारम्भ करने के लिए विवश होना पड़ा है | 

परिक्रमा में हिन्दू –मुस्लिम ग्रामीण एक साथ अपने पर्वतों को बचाने के लिए साथ में सर्घष करते नजर आए साथ ही सैकड़ों साधू संत परिक्रमा यात्रा में  कीर्तन धुनी में लगे हुए दिखाई दिए |


 परिक्रमा यात्रा का कल जठेरी से डाबक के लिए प्रस्थान करेगी | यात्रा में  मुख्य रूप से आदिबद्री मंदिर के महंतश्री शिवराम दास जी महाराज, मानमंदिर के सचिव ब्रजदास, फौजी जलाल खान, सरपंच ककराला, विजयसिंह सरपंच  पसोपा, सुलतान सिंह, सरपंच अलीपुर, चाँव खान, उमर खिचन, फजरू मियां, सौदान खान, आला, मजीत खान, कुलदीप बंसल, रमजान, इसरद, हरिबोल दास, भूरा बाबा,  विजय दास, बी एस पुजारी, सुशील कृष्णदास बाबा, नितिन कृष्णदास, नारायण चैतन्य बाबा, ब्रजराज दास बाबा, निवृति दास, गौर दास बाबा, गोपाल दास बाबा, दीनदयाल, लक्ष्मण चैतन्य बाबा, श्याम लाल आदि उपस्थित रहे |

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