कुंभ मेला स्थित ब्राह्मण सेवा संघ शिविर में ब्रजलोक संगीत एवम् नृत्य समारोह का आयोजन किया गया

 वृन्दावन। टीम अजेयभारत। कुंभ मेला स्थित ब्राह्मण सेवा संघ शिविर में ब्रजलोक संगीत एवम् नृत्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन आचार्य आनन्दवल्लभ गोस्वामी एवं कार्ष्णि श्री नागेन्द्र जी महाराज ने बांके बिहारी जी महाराज को माल्यार्पण कर किया। 



आचार्य आनन्द वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि व्रज की संस्कृति एवम् ब्रज का सांस्कृतिक स्वरूप अपने आप में इतना आकर्षक एवम् प्रभावी है की इसे देखने को विश्व का हर प्राणी लालायित रहता है। 



नागेंद्र महाराज ने कहा कि ब्रज के सांस्कृतिक स्वरूप की किसी से तुलना नहीं की जा सकती। पंडित जगदीश नीलम के संयोजन में प्रारंभ हुए ब्रजलोक संगीत एवम नृत्य समारोह में दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। ब्रजांगनायों ने ब्रज की होली के लोकगीतों पर नृत्य कर सांस्कृतिक पंडाल को होली के रस से सरावोर कर दिया। ढोलक की थाप और मंजीरों की झंकृति के मध्य मधुर कंठ से गूंजती स्वर लहरी पर दर्शक झूमने लगे।  ब्रजांगनायों के मधुर कंठ से गूंजते भाव पूर्ण स्वरों पर दर्शक झूमने लगे। ब्रजांगनायों ने गाया -  मेरी बारी उमरिया नैना से नैना मिलाए गयो री.... 

और फिर गाया मेरो खोए गयो बाजूबंद रसिया होरी में..... इसके बाद मैं आय रही घुंघटा मार रंग मत डारे रे सावरिया....

मेरी जेठानी है फरिया फार....

और

ऐसों चटक मटक को ठाकुर तीनों लोकन हु में नाएं...

अंत में 

श्याम मेरी चुन्दर में लग गयो दाग री

जैसे प्रसिद्ध ब्रज के लोक गीत गाए गए, तो सहज ही दर्शक महिलाए भी नृत्य करने से अपने आप को नहीं रोक सकीं।

जहां एक ओर मंच पर होली गायन एवम् नृत्य की धूम रही, वहीं दर्शक भी आनंद से विभोर हो झूमते देखे गए।



फूलों की बौछार एवम् गुलाब जल की भीनी भीनी सुगंध के बीच होली गायन एवम् नृत्य समारोह ने राधा कृष्ण की रसमई ब्रज की रंगीली होली की याद को तरो ताज़ा बना दिया। 

श्रीमती शशि शुक्ला के संचालन में राधा मिश्रा, सुनीता अग्निहोत्री, सरोज किरण द्विवेदी, पीहू हेमा त्रिवेदी, ममता शर्मा, विनीता द्विवेदी, राधा गोस्वामी, संध्या शर्मा, सुधा शर्मा, लक्ष्मी गोस्वामी, धर्मवती, रजनी पारुल, प्रियंका आदि ने होली के रसरंग से कुंभ मेला शिविर को रस सिक्त कर दिया। धन्यवाद ज्ञापन ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक प. चन्द्रलाल शर्मा ने किया। इस अवसर पर आनंद द्विवेदी, अविनाश शर्मा, लाला व्यास गोवर्धन, चीनू शर्मा, सत्यभान शर्मा, चंद्र प्रकाश द्विवेदी, विहारीलाल शास्त्री सहित अनेक दर्शक उपस्थित थे।

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